कुछ तो था नवंबर 16, 2017 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप कुछ तो था कहीं दूर से मुझे कोई बुलाता हो जैसे, खुद आँसू बहाकर मुझे रूलाता हो जैसे।। भूल कर भी उसे भुला नहीं पाता हूँ मै, समझ नहीं आता, उसे भुलाऊँ तो भुलाऊँ कैसे।। टिप्पणियाँ
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